Deepawali Lakshmi Pooja Ki Samagri
१. प्रतिमा और स्थापना सामग्री
* भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र (या एक चांदी का सिक्का जिस पर उनका चित्र हो) * चौकी (लकड़ का पाटा या चौकी) * लाल या पीला वस्त्र (चौकी पर बिछाने के लिए) * थोड़ा सा कच्चा चावल (अक्षत) (कलश और आसन के लिए)
२. पूजन और अभिषेक सामग्री
* कलश (तांबे या मिट्टी का) * गंगाजल या शुद्ध जल * आम या अशोक के पत्ते (कलश के लिए) * नारियल (पानी वाला, उस पर लाल कपड़ा लपेट कर रखें) * पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण) * शुद्ध घी (दीपक के लिए) * तिल (काले और सफेद) और जौं
३. शृंगार और वस्त्र सामग्री
* माता लक्ष्मी के लिए लाल या गुलाबी वस्त्र / चुनरी * मौली (लावा) और जनेऊ * रोली, चंदन (लाल और पीला), हल्दी और अबीर-गुलाल * इत्र (सुगंध) * कमल गट्टे की माला या रुद्राक्ष माला * शृंगार का सामान (चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल आदि)
४. पुष्प और नैवेद्य / भोग
* ताजे फूल और फूलों की माला (विशेषकर कमल का फूल अगर मिल सके, या गेंदे के फूल) * दूर्वा घास (गणेश जी के लिए) * पान के पत्ते और सुपारी * लौंग, इलायची और बताशे * मिठाई (खास तौर पर बेसन के लड्डू, बर्फी या खीर) * फल (अनार, केला, सेब आदि मौसमी फल) * खील-बताशे
५. दीपक और आरती सामग्री
* बड़े मिट्टी के दीये (कम से कम ११ या २१, और एक बड़ा मुख्य दीपक) * छोटे दीये (घर के कोने-कोने में जलाने के लिए) * रुई (कॉटन विक्स) और मौली की बत्ती * अगरबत्ती और धूप बत्ती * कपूर (कैंफर) आरती के लिए * घंटी और शंख








