अहोई अष्टमी व्रत पूजा की सामग्री
१. चित्र और स्थापना सामग्री - अहोई माता का चित्र (दीवार पर लगाने के लिए कैलेंडर या फोटो) - माता की पूजा के लिए गेरू या लाल रंग (यदि दीवार पर अहोई माता और सेहु (हुल्का) का चित्र बनाते हैं) - चावल और पिसा हुआ आटा (अहोई माता के चित्र के पास चौक या रंगोली बनाने के लिए)
२. पूजन और अभिषेक सामग्री - कलश (तांबे या मिट्टी का) - गंगाजल या शुद्ध जल - करवा (करवा चौथ या अहोई माता के लिए विशेष जल का बर्तन) और उस पर ढकने के लिए ढक्कन या कटोरी - कच्चा सूत / मौली (कलावा) (करवे पर बांधने के लिए) - दूध और जल (अहोई माता को अर्घ्य देने के लिए)
३. शृंगार और वस्त्र सामग्री - माता के लिए लाल वस्त्र या चुनरी - माता का शृंगार का सामान (चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल आदि) - रोली, चंदन, हल्दी और अक्षत (चावल) - मौली (लावा) और जनेऊ
४. भोग और नैवेद्य (प्रसाद) - पुए (मीठे पुए) या हलवा (अहोई माता के भोग के लिए मुख्य प्रसाद) - पक्के पकवान या पूरी-सब्जी - फल (ऋतु के अनुसार मौसमी फल, सिंघाड़ा, सेब, केला आदि) - बताशे या मिठाई - कच्चा सूत, सिक्के और चांदी का मोती/लॉकेट (अहोई माता की माला के लिए) — व्रती महिलाएं चांदी की अहोई (जिसे 'स्याम' भी कहते हैं) पहनती हैं, जिसकी पूजा की जाती है।
५. दीपक और आरती सामग्री - शुद्ध घी का दीपक - रुई (कॉटन विक्स) - अगरबत्ती और धूप बत्ती - पुष्प (ताजे फूल) और फूलों की माला - पान के पत्ते और सुपारी - लौंग और इलायची
मूल पाठ: Divyakaal





