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दिव्यकाल विशेष पर्व मार्गदर्शिका

Bhai Dooj / Yama Dwitiya 2026

New Delhi में Bhai Dooj / Yama Dwitiya 11-11-2026 को है। सत्यापित पर्व तिथि, विशेष पूजा मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत नियम नीचे देखें।

11-11-2026New DelhiAsia/Kolkata
सत्यापित पंचांग सारांश
सूर्योदय06:41
सूर्यास्त17:28
चंद्रोदय08:32
लागू पर्व तिथिद्वितीया
द्वितीया आरंभ10-11-2026 · 14:00
→
द्वितीया समाप्त11-11-2026 · 15:53
पर्व के विशेष शुभ मुहूर्तपर्व-नियम और सत्यापित पंचांग समय के अनुसार
अपराह्न मुहूर्त (तिलक लगाने का समय)11-11-2026 · 13:09 → 11-11-2026 · 15:18अपराह्न काल (दोपहर के बाद का समय)
11-11-2026 के शुभ चौघड़ियाचंद्रोदय-व्यापिनी पर्व तिथि वाले दिन की सामान्य चौघड़िया अवधि—विशेष पूजा-मुहूर्त नहीं
लाभ06:41–08:01अमृत08:01–09:22शुभ10:43–12:04लाभ16:07–17:28शुभ19:07–20:46अमृत20:46–22:25लाभ03:23–05:02 (+1)

परिचय

भाई दूज, जिसे यम द्वितीया भी कहा जाता है, भाई-बहन के स्नेह और परस्पर मंगलकामना का पर्व है। कार्तिक शुक्ल द्वितीया पर बहनें भाई का तिलक करके उसके सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं। नई दिल्ली के लिए दिए गए पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में यह पर्व बुधवार, 11 नवंबर को मनाया जाएगा।

पर्व का विशेष पूजा-कथा मुहूर्त

अपराह्न मुहूर्त (तिलक लगाने का समय)11-11-2026 · 13:09 → 11-11-2026 · 15:18अपराह्न काल (दोपहर के बाद का समय)

पर्व तिथि की स्पष्ट जानकारी

New Delhi के स्थानीय समय (Asia/Kolkata) में 11-11-2026 को लागू पर्व तिथि द्वितीया है। तिथि 10-11-2026 · 14:00 से 11-11-2026 · 15:53 तक है। चंद्रोदय 08:32, सूर्योदय 06:41 और सूर्यास्त 17:28 है।

पूजा विधि

  1. 1

    स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा व तिलक का स्थान साफ करें।

  2. 2

    थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, पुष्प और मिठाई रखें।

  3. 3

    अपने आराध्य तथा यमराज और यमुना का श्रद्धापूर्वक स्मरण करें।

  4. 4

    भाई को आसन पर बैठाकर पारिवारिक परंपरा के अनुसार तिलक और अक्षत लगाएं।

  5. 5

    आरती उतारें और भाई के स्वास्थ्य, सुख तथा दीर्घायु की प्रार्थना करें।

  6. 6

    मिठाई खिलाएं; भाई बहन के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करे तथा सामर्थ्य अनुसार उपहार दे।

  7. 7

    परिवार की रीति के अनुसार भोजन कराएं और बड़ों का आशीर्वाद लें।

पूजा सामग्री

पूजा की थाली, रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, घी या तेल, बत्ती, पुष्प, स्वच्छ जल, मिठाई, आसन और परंपरा अनुसार भोजन। उपहार या दक्षिणा इच्छानुसार रखें।

कथा और महत्त्व

प्रचलित कथा के अनुसार यमुना ने अपने भाई यमराज का स्वागत करके उनका तिलक किया और भोजन कराया। इसी भाई-बहन के मिलन से यम द्वितीया की परंपरा जोड़ी जाती है। यह कथा स्नेह, आतिथ्य और शुभकामना का संदेश देती है। भाई दूज पर तिलक और साथ भोजन करने की रीति पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ करने का अवसर है; पूजा की विधि में क्षेत्रीय भिन्नताएं हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में भाई दूज 2026 कब है?

बुधवार, 11 नवंबर 2026 को।

द्वितीया तिथि कब शुरू और समाप्त होगी?

द्वितीया 10 नवंबर को 14:00 बजे शुरू होकर 11 नवंबर 2026 को 15:53 बजे समाप्त होगी।

दिए गए पंचांग में पर्व-निर्णय का आधार क्या है?

कार्तिक शुक्ल द्वितीया और अपराह्न का आधार दर्ज है।

भाई दूज को यम द्वितीया क्यों कहते हैं?

इस पर्व की प्रचलित कथा यमराज और उनकी बहन यमुना के स्नेहपूर्ण मिलन से जुड़ी है।

तिलक की थाली में क्या रखें?

रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, पुष्प और मिठाई रखें; अन्य सामग्री अपनी पारिवारिक रीति के अनुसार जोड़ें।