Kali Chaudas / Hanuman Puja 2026
New Delhi में Kali Chaudas / Hanuman Puja 07-11-2026 को है। सत्यापित पर्व तिथि, विशेष पूजा मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत नियम नीचे देखें।
परिचय
नई दिल्ली में काली चौदस / हनुमान पूजा शनिवार, 7 नवंबर 2026 को निर्धारित है। दिए गए पंचांग का पर्व-निर्णय आधार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी में स्थानीय निशीथ पूजा है। इस दिन सूर्योदय के समय त्रयोदशी रहेगी और चतुर्दशी सुबह 10:48 बजे आरंभ होगी। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार हनुमानजी की उपासना तथा देवी-स्मरण कर सकते हैं।
पर्व का विशेष पूजा-कथा मुहूर्त
पर्व तिथि की स्पष्ट जानकारी
New Delhi के स्थानीय समय (Asia/Kolkata) में 07-11-2026 को लागू पर्व तिथि चतुर्दशी है। तिथि 07-11-2026 · 10:48 से 08-11-2026 · 11:28 तक है। चंद्रोदय 04:39, सूर्योदय 06:38 और सूर्यास्त 17:30 है।
काली चौदस और हनुमान पूजा
• नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति: काली चौदस के दिन साक्षात् मां काली की पूजा की जाती है। यह रात तंत्र साधना, मानसिक तनाव, अज्ञात भय और शत्रुओं पर विजय पाने के लिए अचूक मानी जाती है। • संकटमोचन हनुमान पूजा: वाल्मीकि रामायण के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। शनिवार और चतुर्दशी के इस दुर्लभ संयोग पर हनुमान जी की पूजा करने से कुंडली के बड़े से बड़े शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
पूजा विधि
हनुमान पूजा (शनिवार का विशेष संयोग): • चूंकि इस दिन शनिवार है, इसलिए शाम के समय हनुमान मंदिर जाएं या घर के मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। • हनुमान जी को सिंदूर और चांदी का वर्क चढ़ाएं। • उन्हें बूंदी के लड्डू या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। • इस रात हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना हर तरह के संकट और शनि दोष को जड़ से मिटा देता है। मां काली की पूजा (काली चौदस निशीथ काल): • घर के मंदिर में मां काली की तस्वीर के सामने घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं। • उन्हें लाल फूल (विशेषकर गुड़हल) और कुमकुम अर्पित करें। • ॐ क्रीं कालिकायै नमः मंत्र का शांत मन से जप करें। यह पूजा मानसिक चिंताओं को दूर करती है।
पूजा सामग्री
सरल घरेलू पूजा के लिए हनुमानजी का चित्र या प्रतिमा, स्वच्छ आसन, जल और पात्र, पुष्प, दीपक, बत्ती, घी या तेल, धूप, फल अथवा मिठाई तथा आरती की थाली रख सकते हैं। हनुमान चालीसा या स्तुति-पुस्तिका भी उपयोगी है। देवी-पूजन की अतिरिक्त सामग्री अपनी पारिवारिक पद्धति के अनुसार रखें; यह सूची अनिवार्य विधान नहीं है।
कथा और महत्त्व
काली चौदस / हनुमान पूजा को भक्ति, साहस और आत्मसंयम के चिंतन का अवसर बनाया जा सकता है। हनुमानजी की उपासना में सेवा और समर्पण का भाव रखें। देवी-पूजन और कथा-पाठ का स्वरूप पारिवारिक या क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है। उपलब्ध पंचांग विवरण में किसी विशिष्ट कथा का पाठ नहीं दिया गया है; कथा-पाठ के लिए अपनी परंपरा के मान्य ग्रंथ का आश्रय लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नई दिल्ली में काली चौदस / हनुमान पूजा 2026 में कब है?
शनिवार, 7 नवंबर 2026 को।
चतुर्दशी तिथि कब से कब तक रहेगी?
7 नवंबर को सुबह 10:48 बजे से 8 नवंबर को सुबह 11:28 बजे तक।
सूर्योदय पर त्रयोदशी होने पर भी पर्व 7 नवंबर को क्यों है?
दिए गए पंचांग में पर्व-निर्णय का आधार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी में स्थानीय निशीथ पूजा है, केवल सूर्योदय की तिथि नहीं।
क्या नरक चतुर्दशी भी इसी तारीख को दी गई है?
नहीं। supplied पंचांग में काली चौदस / हनुमान पूजा 7 नवंबर और नरक चतुर्दशी / छोटी दीपावली 8 नवंबर 2026 को दी गई है।
मास को कार्तिक कहें या आश्विन?
पूर्णिमांत पद्धति में कार्तिक और अमांत पद्धति में आश्विन है।








