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दिव्यकाल विशेष पर्व मार्गदर्शिका

Dussehra / Vijayadashami 2026

New Delhi में Dussehra / Vijayadashami 20-10-2026 को है। सत्यापित पर्व तिथि, विशेष पूजा मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत नियम नीचे देखें।

20-10-2026New DelhiAsia/Kolkata
सत्यापित पंचांग सारांश
सूर्योदय06:25
सूर्यास्त17:45
चंद्रोदय14:20
लागू पर्व तिथिदशमी
दशमी आरंभ20-10-2026 · 12:50
→
दशमी समाप्त21-10-2026 · 14:12
पर्व के विशेष शुभ मुहूर्तपर्व-नियम और सत्यापित पंचांग समय के अनुसार
अपराह्न पूजा काल20-10-2026 · 13:13 → 20-10-2026 · 15:29स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन के 15 समान भागों में भाग 10 से 12; लागू पर्व तिथि से सीमित।
विजय मुहूर्त20-10-2026 · 13:58 → 20-10-2026 · 14:43स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन के 15 समान भागों में भाग 11 से 11; लागू पर्व तिथि से सीमित।
20-10-2026 के शुभ चौघड़ियाचंद्रोदय-व्यापिनी पर्व तिथि वाले दिन की सामान्य चौघड़िया अवधि—विशेष पूजा-मुहूर्त नहीं
लाभ10:40–12:05अमृत12:05–13:30शुभ14:55–16:20लाभ19:20–20:55शुभ22:30–00:05 (+1)अमृत00:05–01:40 (+1)

परिचय

दशहरा या विजयादशमी धर्म, सत्य और सदाचार की विजय का पर्व है। यह भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय की स्मृति से जुड़ा है। नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। पर्व का आधार आश्विन शुक्ल दशमी और अपराह्न में उसका होना है।

पर्व का विशेष पूजा-कथा मुहूर्त

अपराह्न पूजा काल20-10-2026 · 13:13 → 20-10-2026 · 15:29स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन के 15 समान भागों में भाग 10 से 12; लागू पर्व तिथि से सीमित।
विजय मुहूर्त20-10-2026 · 13:58 → 20-10-2026 · 14:43स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन के 15 समान भागों में भाग 11 से 11; लागू पर्व तिथि से सीमित।

पर्व तिथि की स्पष्ट जानकारी

New Delhi के स्थानीय समय (Asia/Kolkata) में 20-10-2026 को लागू पर्व तिथि दशमी है। तिथि 20-10-2026 · 12:50 से 21-10-2026 · 14:12 तक है। चंद्रोदय 14:20, सूर्योदय 06:25 और सूर्यास्त 17:45 है।

व्रत के नियम

विजयादशमी के दिन उपवास और भोजन संबंधी आचरण अपनी पारिवारिक परंपरा तथा लिए गए संकल्प के अनुसार रखें। नवरात्रि व्रत के समापन को केवल दशहरे की तारीख देखकर न तय करें; अपने अनुष्ठान की पद्धति का पालन करें। पूजा में स्वच्छता, संयम और सात्त्विक व्यवहार रखें। स्वास्थ्य के अनुकूल ही उपवास करें। उपलब्ध तथ्यों में व्रत-पारण का अलग समय नहीं दिया गया है।

पूजा विधि

  1. 1

    स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा-स्थान साफ करें।

  2. 2

    श्रीराम या देवी दुर्गा का चित्र अथवा प्रतिमा स्थापित कर पूजा-सामग्री सजाएँ।

  3. 3

    दीप जलाएँ, गणेशजी का स्मरण करें और विजयादशमी पूजा का संकल्प लें।

  4. 4

    अपनी परंपरा के अनुसार आराध्य को रोली, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें।

  5. 5

    परिवार में प्रचलित हो तो शमी तथा कार्य-साधनों का पूजन करें; शस्त्र-पूजन में सुरक्षा रखें।

  6. 6

    श्रीराम या देवी की स्तुति पढ़ें और सत्य, साहस तथा सद्बुद्धि की प्रार्थना करें।

  7. 7

    आरती करके प्रसाद बाँटें और बड़ों का आशीर्वाद लें।

पूजा सामग्री

सामान्य घरेलू पूजा के लिए: श्रीराम या देवी दुर्गा का चित्र अथवा प्रतिमा, स्वच्छ आसन, जल और पात्र, रोली या कुमकुम, अक्षत, पुष्प, धूप, दीपक, घी या तेल, बत्ती, फल, मिठाई या अन्य नैवेद्य तथा आरती की थाली। शमी-पूजन की पारिवारिक परंपरा हो तो शमी-पत्र रखें। कार्य-साधन या आयुध-पूजन के लिए संबंधित वस्तुएँ साफ और सुरक्षित स्थिति में रखें।

कथा और महत्त्व

रामकथा की परंपरा में दशहरा भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का स्मरण कराता है। रावण का अहंकार और अन्याय अंततः पराजित होते हैं, जबकि श्रीराम का चरित्र धर्म और मर्यादा का आदर्श प्रस्तुत करता है। देवी-उपासना की परंपरा में विजयादशमी माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जुड़ी है। पर्व का संदेश केवल बाहरी विजय नहीं, बल्कि अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और अन्य दुर्गुणों पर संयम भी है। रामलीला और रावण-दहन, देवी की विदाई तथा शमी या आयुध-पूजन जैसी परंपराएँ क्षेत्र और परिवार के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में दशहरा 2026 कब है?

उपलब्ध पंचांग के अनुसार दशहरा मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है।

दशमी तिथि कब शुरू और समाप्त होगी?

दशमी 20 अक्टूबर को 12:50 से शुरू होकर 21 अक्टूबर को 14:12 पर समाप्त होगी।

सूर्योदय पर नवमी होने के बावजूद दशहरा 20 अक्टूबर को क्यों है?

उपलब्ध पर्व-निर्णय अपराह्न पर आधारित है; 20 अक्टूबर को अपराह्न में आश्विन शुक्ल दशमी रहेगी।

विजय मुहूर्त और अपराह्न पूजा काल क्या हैं?

20 अक्टूबर को विजय मुहूर्त 13:58–14:43 और अपराह्न पूजा काल 13:13–15:29 है। ये समय नई दिल्ली के लिए हैं।

क्या दशहरे पर शमी और आयुध-पूजन किया जाता है?

कुछ पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपराओं में शमी तथा आयुध या कार्य-साधनों का पूजन किया जाता है।