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दिव्यकाल विशेष पर्व मार्गदर्शिका

Chhath Puja / Surya Shashthi 2026

New Delhi में Chhath Puja / Surya Shashthi 15-11-2026 को है। सत्यापित पर्व तिथि, विशेष पूजा मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत नियम नीचे देखें।

15-11-2026New DelhiAsia/Kolkata
सत्यापित पंचांग सारांश
सूर्योदय06:44
सूर्यास्त17:26
चंद्रोदय11:42
लागू पर्व तिथिषष्ठी
षष्ठी आरंभ14-11-2026 · 23:24
→
षष्ठी समाप्त16-11-2026 · 02:01
पर्व के विशेष शुभ मुहूर्तपर्व-नियम और सत्यापित पंचांग समय के अनुसार
संध्या अर्घ्य मुहूर्त15-11-2026 · 17:16 → 15-11-2026 · 17:46स्थानीय सूर्यास्त से निर्धारित मिनट-अंतराल; लागू पर्व तिथि से सीमित।
15-11-2026 के शुभ चौघड़ियाचंद्रोदय-व्यापिनी पर्व तिथि वाले दिन की सामान्य चौघड़िया अवधि—विशेष पूजा-मुहूर्त नहीं
लाभ09:24–10:44अमृत10:44–12:05शुभ13:25–14:45शुभ17:26–19:05अमृत19:05–20:45लाभ01:45–03:25 (+1)शुभ05:05–06:45 (+1)

परिचय

छठ पूजा या सूर्य षष्ठी सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना का लोकपर्व है। इसमें शुद्धता, संयम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का विशेष महत्व है। नई दिल्ली के लिए दिए गए पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल षष्ठी का सायंकालीन छठ पूजन रविवार, 15 नवंबर 2026 को है। यह पृष्ठ संध्या अर्घ्य की तिथि, स्थानीय सूर्यास्त और अगले दिन के सूर्योदय की जानकारी प्रस्तुत करता है।

पर्व का विशेष पूजा-कथा मुहूर्त

संध्या अर्घ्य मुहूर्त15-11-2026 · 17:16 → 15-11-2026 · 17:46स्थानीय सूर्यास्त से निर्धारित मिनट-अंतराल; लागू पर्व तिथि से सीमित।

पर्व तिथि की स्पष्ट जानकारी

New Delhi के स्थानीय समय (Asia/Kolkata) में 15-11-2026 को लागू पर्व तिथि षष्ठी है। तिथि 14-11-2026 · 23:24 से 16-11-2026 · 02:01 तक है। चंद्रोदय 11:42, सूर्योदय 06:44 और सूर्यास्त 17:26 है।

व्रत के नियम

छठ का पारंपरिक क्रम नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य से जुड़ा है। कई परंपराओं में खरना के बाद उषा अर्घ्य तक निर्जल उपवास रखा जाता है। इसे स्वास्थ्य की अनदेखी करके न अपनाएँ; गर्भवती महिलाएँ, बुजुर्ग और रोगी उपवास से पहले चिकित्सकीय सलाह लें। भोजन, पात्र और प्रसाद की स्वच्छता बनाए रखें तथा सात्त्विक आहार और संयम का पालन करें। प्रसाद और व्रत-समापन की विधि में पारिवारिक एवं क्षेत्रीय परंपरा का अनुसरण करें। घाट पर गहरे पानी में न उतरें और पूजा-सामग्री से जलस्रोत को प्रदूषित न करें।

पूजा विधि

  1. 1

    स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और सूर्यदेव तथा छठी मैया के पूजन का संकल्प लें।

  2. 2

    स्वच्छ स्थान पर प्रसाद तैयार करें और फल, ठेकुआ तथा अन्य सामग्री सूप या डाला में सजाएँ।

  3. 3

    संध्या अर्घ्य से पहले सुरक्षित, निर्धारित घाट या स्वच्छ पूजास्थल पर पहुँचें।

  4. 4

    अस्ताचलगामी सूर्य को परिवार की परंपरा के अनुसार जल अर्पित करें और छठी मैया की प्रार्थना करें।

  5. 5

    रात्रि में श्रद्धापूर्वक छठ गीत, स्मरण और उपासना करें।

  6. 6

    अगले दिन उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर पारिवारिक विधि के अनुसार व्रत पूर्ण करें और प्रसाद बाँटें।

पूजा सामग्री

बाँस का सूप या डाला, अर्घ्य का लोटा या पात्र, स्वच्छ जल, नारियल, केला और अन्य मौसमी फल, गन्ना, ठेकुआ, चावल के लड्डू या पारंपरिक प्रसाद, फूल, दीपक, घी या तेल, रूई की बाती तथा स्वच्छ वस्त्र। सामग्री की मात्रा और प्रसाद का चयन परिवार की परंपरा एवं सामर्थ्य के अनुसार करें।

कथा और महत्त्व

छठ पूजा में सूर्य को जीवन, प्रकाश और ऊर्जा के स्रोत के रूप में प्रणाम किया जाता है। श्रद्धालु छठी मैया से संतान और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करते हैं। अस्त होते और उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा इस पर्व की विशेष पहचान है। छठ से जुड़ी लोककथाएँ और गीत अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित हैं; उनका केंद्रीय भाव श्रद्धा, धैर्य, सेवा और कृतज्ञता है। इन धार्मिक मान्यताओं को आस्था के रूप में समझें, सुनिश्चित फल की गारंटी के रूप में नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में छठ पूजा 2026 का संध्या अर्घ्य किस दिन है?

संध्या अर्घ्य रविवार, 15 नवंबर 2026 को है; इस दिन स्थानीय सूर्यास्त 17:26 बजे है।

षष्ठी तिथि कब शुरू और समाप्त होगी?

षष्ठी 14 नवंबर को 23:24 बजे शुरू होकर 16 नवंबर 2026 को 02:01 बजे समाप्त होगी।

पंचांग के 26:01 का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ 15 नवंबर की मध्यरात्रि के बाद, यानी 16 नवंबर को तड़के 02:01 बजे है।

उषा अर्घ्य के दिन नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

16 नवंबर 2026 को स्थानीय सूर्योदय 06:45 बजे है।

छठ पूजा में किसकी उपासना होती है?

छठ में सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना की जाती है।