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दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

15-11-2026 · रविवार · वाराणसी
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल षष्ठी · रविवारउत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शूल योग · कौलव करणपरिहार: रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग सावधानी

    शूल — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 6:22 पूर्वाह्न तक, फिर गण्ड।

  • वार ध्यान दें

    रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल षष्ठी (नंदा) — शुभ तिथि। कल, 2:01 पूर्वाह्न के बाद सप्तमी।

  • नक्षत्र शुद्ध

    उत्तराषाढ़ा — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 11:28 अपराह्न तक, फिर श्रावण।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 12:44 अपराह्न तक, फिर तैतिल।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (6:16 पूर्वाह्न – 11:28 अपराह्न) · सर्वार्थ सिद्धि योग (6:16 पूर्वाह्न – 11:28 अपराह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • वर्ज्यम्6:16 पूर्वाह्न – 7:02 पूर्वाह्नसावधानी
  • रवि योग6:16 पूर्वाह्न – 11:28 अपराह्नसिद्ध योग
  • सर्वार्थ सिद्धि योग6:16 पूर्वाह्न – 11:28 अपराह्नसिद्ध योग
  • अभिजित मुहूर्त11:18 पूर्वाह्न – 12:06 अपराह्नशुभ
  • यमगंड11:42 पूर्वाह्न – 1:04 अपराह्नसावधानी
  • गुलिक काल2:25 अपराह्न – 3:47 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल3:47 अपराह्न – 5:09 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल4:16 अपराह्न – 5:52 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:40 पूर्वाह्न – कल, 5:28 पूर्वाह्नशुभ
  • शूल → गण्ड6:22 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • उत्तराषाढ़ा → श्रावण11:28 अपराह्नपरिवर्तन
  • षष्ठी → सप्तमीकल, 2:01 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:02 पूर्वाह्न – 11:42 पूर्वाह्नषष्ठीअभिजितसिद्ध योग
  • 1:04 अपराह्न – 2:25 अपराह्नषष्ठीसिद्ध योग