पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- मास सावधानी
खरमास — विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार वर्जित; पूजा-पाठ, दान शुभ।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण प्रतिपदा (नंदा) — शुभ तिथि। 8:53 अपराह्न के बाद द्वितीया।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
पुनर्वसु — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 3:56 पूर्वाह्न तक, फिर पुष्य।
- योग शुद्ध
इन्द्र — शुभ योग — 9:11 अपराह्न तक, फिर वैधृति।
- करण शुद्ध
बालव — चर करण, शुभ — 9:39 पूर्वाह्न तक, फिर कौलव।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- राहुकाल8:29 पूर्वाह्न – 9:49 पूर्वाह्नत्याज्य
- यमगंड11:09 पूर्वाह्न – 12:30 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त12:06 अपराह्न – 12:54 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:50 अपराह्न – 3:10 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्4:23 अपराह्न – 5:59 अपराह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:33 पूर्वाह्न – कल, 6:21 पूर्वाह्नशुभ
- प्रतिपदा → द्वितीया8:53 अपराह्नपरिवर्तन
- इन्द्र → वैधृति9:11 अपराह्नपरिवर्तन
- पुनर्वसु → पुष्यकल, 3:56 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:09 पूर्वाह्न – 8:29 पूर्वाह्न
- 9:49 पूर्वाह्न – 11:09 पूर्वाह्न
- 12:30 अपराह्न – 1:50 अपराह्न
- 3:10 अपराह्न – 4:23 अपराह्न