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दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

11-11-2026 · बुधवार · उज्जैन
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल द्वितीया · बुधवारअनुराधा नक्षत्र · अतिगण्ड योग · कौलव करणपरिहार: सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग सावधानी

    अतिगण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — कल, 3:40 पूर्वाह्न तक, फिर सुकर्मा।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल द्वितीया (भद्रा) — शुभ तिथि। 3:53 अपराह्न के बाद तृतीया।

  • वार शुद्ध

    बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    अनुराधा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 11:38 पूर्वाह्न तक, फिर ज्येष्ठा।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 3:53 अपराह्न तक, फिर तैतिल।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    सर्वार्थ सिद्धि योग (6:38 पूर्वाह्न – 11:38 पूर्वाह्न) · अमृत सिद्धि योग (6:38 पूर्वाह्न – 11:38 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • सर्वार्थ सिद्धि योग6:38 पूर्वाह्न – 11:38 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • अमृत सिद्धि योग6:38 पूर्वाह्न – 11:38 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • यमगंड8:01 पूर्वाह्न – 9:24 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल10:47 पूर्वाह्न – 12:10 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित (बुधवार को वर्जित)11:46 पूर्वाह्न – 12:34 अपराह्नध्यान दें
  • राहुकाल12:10 अपराह्न – 1:33 अपराह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्5:52 अपराह्न – 7:28 अपराह्नसावधानी
  • अमृत कालकल, 12:14 पूर्वाह्न – कल, 1:50 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:03 पूर्वाह्न – कल, 5:51 पूर्वाह्नशुभ
  • अनुराधा → ज्येष्ठा11:38 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • द्वितीया → तृतीया3:53 अपराह्नपरिवर्तन
  • अतिगण्ड → सुकर्माकल, 3:40 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:38 पूर्वाह्न – 8:01 पूर्वाह्नद्वितीयासिद्ध योग
  • 9:24 पूर्वाह्न – 10:47 पूर्वाह्नद्वितीयासिद्ध योग
  • 1:33 अपराह्न – 5:42 अपराह्नद्वितीया