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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

17-12-2026 · गुरुवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी · गुरुवारउत्तर भाद्रपद नक्षत्र · व्यतीपात योग · बव करण
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग दोष

    व्यतीपात — महापात योग, शुभ कार्यों में पूर्णतः त्याज्य — कल, 1:48 पूर्वाह्न तक, फिर वरीयान।

  • मास सावधानी

    खरमास — विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार वर्जित; पूजा-पाठ, दान शुभ।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • पंचक ध्यान दें

    राज पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल अष्टमी (जया) — शुभ तिथि। 12:56 अपराह्न के बाद नवमी — रिक्ता।

  • वार शुद्ध

    गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    उत्तर भाद्रपद — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 5:40 पूर्वाह्न तक, फिर रेवती।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 12:56 अपराह्न तक, फिर बालव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड7:47 पूर्वाह्न – 8:53 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल10:00 पूर्वाह्न – 11:06 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:49 पूर्वाह्न – 12:37 अपराह्नशुभ
  • राहुकाल1:20 अपराह्न – 2:26 अपराह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्2:52 अपराह्न – 4:28 अपराह्नसावधानी
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 6:11 पूर्वाह्न – कल, 6:59 पूर्वाह्नशुभ
  • अष्टमी → नवमी12:56 अपराह्नपरिवर्तन
  • व्यतीपात → वरीयानकल, 1:48 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • उत्तर भाद्रपद → रेवतीकल, 5:40 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 8:53 पूर्वाह्न – 10:00 पूर्वाह्नअष्टमी
  • 11:06 पूर्वाह्न – 1:20 अपराह्नअष्टमीअभिजित