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दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

13-12-2026 · रविवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी · रविवारश्रावण नक्षत्र · व्याघात योग · बव करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग सावधानी

    व्याघात — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — कल, 2:34 पूर्वाह्न तक, फिर हर्षण।

  • वार ध्यान दें

    रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। पूरे दिन।

  • नक्षत्र शुद्ध

    श्रावण — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 10:42 अपराह्न तक, फिर धनिष्ठा।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 7:34 अपराह्न तक, फिर बालव।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (10:42 अपराह्न – कल, 7:45 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    मार्गशीर्ष मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • अमृत काल11:00 पूर्वाह्न – 12:36 अपराह्नशुभ
  • अभिजित मुहूर्त11:47 पूर्वाह्न – 12:35 अपराह्नशुभ
  • यमगंड12:11 अपराह्न – 1:18 अपराह्नसावधानी
  • गुलिक काल2:25 अपराह्न – 3:32 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल3:32 अपराह्न – 4:39 अपराह्नत्याज्य
  • रवि योग10:42 अपराह्न – कल, 7:45 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • वर्ज्यम्कल, 12:12 पूर्वाह्न – कल, 1:48 पूर्वाह्नसावधानी
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 6:09 पूर्वाह्न – कल, 6:57 पूर्वाह्नशुभ
  • श्रावण → धनिष्ठा10:42 अपराह्नपरिवर्तन
  • व्याघात → हर्षणकल, 2:34 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:44 पूर्वाह्न – 12:11 अपराह्नपंचमीअभिजित
  • 1:18 अपराह्न – 2:25 अपराह्नपंचमी