पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- नक्षत्र सावधानी
मूल — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 1:28 अपराह्न तक, फिर पूर्वाषाढ़ा।
- योग सावधानी
गण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 11:47 अपराह्न तक, फिर वृद्धि।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल द्वितीया (भद्रा) — शुभ तिथि। कल, 12:53 पूर्वाह्न के बाद तृतीया।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- करण शुद्ध
बालव — चर करण, शुभ — 11:33 पूर्वाह्न तक, फिर कौलव।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
मार्गशीर्ष मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड7:41 पूर्वाह्न – 8:48 पूर्वाह्नसावधानी
- अमृत काल7:41 पूर्वाह्न – 7:53 पूर्वाह्नशुभ
- गुलिक काल9:55 पूर्वाह्न – 11:02 पूर्वाह्नसावधानी
- वर्ज्यम्11:40 पूर्वाह्न – 1:16 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:45 पूर्वाह्न – 12:33 अपराह्नशुभ
- राहुकाल1:16 अपराह्न – 2:23 अपराह्नत्याज्य
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 6:06 पूर्वाह्न – कल, 6:54 पूर्वाह्नशुभ
- मूल → पूर्वाषाढ़ा1:28 अपराह्नपरिवर्तन
- गण्ड → वृद्धि11:47 अपराह्नपरिवर्तन
- द्वितीया → तृतीयाकल, 12:53 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:48 पूर्वाह्न – 9:55 पूर्वाह्न
- 11:02 पूर्वाह्न – 11:40 पूर्वाह्न
- 2:23 अपराह्न – 4:38 अपराह्न