पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
कृष्ण नवमी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 12:22 अपराह्न के बाद दशमी — शुभ।
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा कल, 12:24 पूर्वाह्न – कल, 7:35 पूर्वाह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- वार शुद्ध
बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
उत्तर फाल्गुनी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 10:53 अपराह्न तक, फिर हस्त।
- योग शुद्ध
प्रीति — शुभ योग — 10:44 अपराह्न तक, फिर आयुष्मान।
- करण शुद्ध
गर — चर करण, शुभ — 12:22 अपराह्न तक, फिर वणिज।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
सर्वार्थ सिद्धि योग (10:53 अपराह्न – कल, 7:34 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड8:41 पूर्वाह्न – 9:49 पूर्वाह्नसावधानी
- गुलिक काल10:57 पूर्वाह्न – 12:06 अपराह्नसावधानी
- अभिजित (बुधवार को वर्जित)11:42 पूर्वाह्न – 12:30 अपराह्नध्यान दें
- राहुकाल12:06 अपराह्न – 1:14 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल3:58 अपराह्न – 5:34 अपराह्नशुभ
- सर्वार्थ सिद्धि योग10:53 अपराह्न – कल, 7:34 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- भद्रा (पृथ्वी)कल, 12:24 पूर्वाह्न – कल, 7:34 पूर्वाह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्कल, 5:46 पूर्वाह्न – कल, 7:22 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:58 पूर्वाह्न – कल, 6:46 पूर्वाह्नशुभ
- नवमी → दशमी12:22 अपराह्नपरिवर्तन
- प्रीति → आयुष्मान10:44 अपराह्नपरिवर्तन
- उत्तर फाल्गुनी → हस्त10:53 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:33 पूर्वाह्न – 8:41 पूर्वाह्न
- 9:49 पूर्वाह्न – 10:57 पूर्वाह्न
- 1:14 अपराह्न – 4:39 अपराह्न