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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

30-11-2026 · सोमवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण सप्तमी · सोमवारमघा नक्षत्र · वैधृति योग · बव करण
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग दोष

    वैधृति — महापात योग, शुभ कार्यों में पूर्णतः त्याज्य — कल, 1:44 पूर्वाह्न तक, फिर विष्कम्भ।

  • नक्षत्र सावधानी

    मघा — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 10:30 अपराह्न तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण सप्तमी (भद्रा) — शुभ तिथि। 1:42 अपराह्न के बाद अष्टमी।

  • वार शुद्ध

    सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 1:42 अपराह्न तक, फिर बालव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • राहुकाल8:39 पूर्वाह्न – 9:48 पूर्वाह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्10:51 पूर्वाह्न – 12:27 अपराह्नसावधानी
  • यमगंड10:56 पूर्वाह्न – 12:05 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:41 पूर्वाह्न – 12:29 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल1:14 अपराह्न – 2:22 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल8:11 अपराह्न – 9:47 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:56 पूर्वाह्न – कल, 6:44 पूर्वाह्नशुभ
  • सप्तमी → अष्टमी1:42 अपराह्नपरिवर्तन
  • मघा → पूर्वा फाल्गुनी10:30 अपराह्नपरिवर्तन
  • वैधृति → विष्कम्भकल, 1:44 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:31 पूर्वाह्न – 8:39 पूर्वाह्नसप्तमी
  • 9:48 पूर्वाह्न – 10:51 पूर्वाह्नसप्तमी
  • 12:27 अपराह्न – 1:14 अपराह्नसप्तमीअभिजित
  • 2:22 अपराह्न – 4:40 अपराह्नअष्टमी