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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

28-11-2026 · शनिवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण पंचमी · शनिवारपुष्य नक्षत्र · शुक्ल योग · तैतिल करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    शनिवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 5:27 अपराह्न के बाद षष्ठी।

  • नक्षत्र शुद्ध

    पुष्य — क्षिप्र (लघु) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 12:29 पूर्वाह्न तक, फिर आश्लेषा।

  • योग शुद्ध

    शुक्ल — शुभ योग — 9:47 पूर्वाह्न तक, फिर ब्रह्म।

  • करण शुद्ध

    तैतिल — चर करण, शुभ — 5:27 अपराह्न तक, फिर गर।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल7:29 पूर्वाह्न – 8:38 पूर्वाह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्9:43 पूर्वाह्न – 11:19 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल9:47 पूर्वाह्न – 10:56 पूर्वाह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:41 पूर्वाह्न – 12:29 अपराह्नशुभ
  • यमगंड1:14 अपराह्न – 2:23 अपराह्नसावधानी
  • अमृत कालकल, 12:10 पूर्वाह्न – कल, 1:46 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:54 पूर्वाह्न – कल, 6:42 पूर्वाह्नशुभ
  • शुक्ल → ब्रह्म9:47 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • पंचमी → षष्ठी5:27 अपराह्नपरिवर्तन
  • पुष्य → आश्लेषाकल, 12:29 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 8:38 पूर्वाह्न – 9:43 पूर्वाह्नपंचमी
  • 11:19 पूर्वाह्न – 1:14 अपराह्नपंचमीअभिजित
  • 2:23 अपराह्न – 4:41 अपराह्नपंचमी