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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

27-11-2026 · शुक्रवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी · शुक्रवारपुनर्वसु नक्षत्र · शुभ योग · बव करणपरिहार: सर्वार्थ सिद्धि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि सावधानी

    कृष्ण चतुर्थी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 8:10 अपराह्न के बाद पंचमी — शुभ।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    पुनर्वसु — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 2:20 पूर्वाह्न तक, फिर पुष्य।

  • योग शुद्ध

    शुभ — शुभ योग — 1:21 अपराह्न तक, फिर शुक्ल।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 9:41 पूर्वाह्न तक, फिर बालव।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    सर्वार्थ सिद्धि योग (7:28 पूर्वाह्न – कल, 2:20 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • सर्वार्थ सिद्धि योग7:28 पूर्वाह्न – कल, 2:20 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • गुलिक काल8:37 पूर्वाह्न – 9:46 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल10:55 पूर्वाह्न – 12:04 अपराह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:40 पूर्वाह्न – 12:28 अपराह्नशुभ
  • यमगंड2:22 अपराह्न – 3:31 अपराह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्3:29 अपराह्न – 5:05 अपराह्नसावधानी
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:53 पूर्वाह्न – कल, 6:41 पूर्वाह्नशुभ
  • शुभ → शुक्ल1:21 अपराह्नपरिवर्तन
  • चतुर्थी → पंचमी8:10 अपराह्नपरिवर्तन
  • पुनर्वसु → पुष्यकल, 2:20 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:28 पूर्वाह्न – 8:37 पूर्वाह्नचतुर्थीसिद्ध योग
  • 9:46 पूर्वाह्न – 10:55 पूर्वाह्नचतुर्थीसिद्ध योग
  • 12:04 अपराह्न – 2:22 अपराह्नचतुर्थीअभिजितसिद्ध योग