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दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

25-11-2026 · बुधवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण द्वितीया · बुधवाररोहिणी नक्षत्र · सिद्ध योग · तैतिल करण
सर्वोत्तम
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण द्वितीया (भद्रा) — शुभ तिथि। कल, 2:45 पूर्वाह्न के बाद तृतीया।

  • वार शुद्ध

    बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    रोहिणी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 10:06 पूर्वाह्न तक, फिर मृगशिरा।

  • योग शुद्ध

    सिद्ध — शुभ योग — 9:19 अपराह्न तक, फिर साध्य।

  • करण शुद्ध

    तैतिल — चर करण, शुभ — 4:32 अपराह्न तक, फिर गर।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    सर्वार्थ सिद्धि योग (7:25 पूर्वाह्न – कल, 7:17 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुद्ध है और विशेष सिद्ध योग भी बन रहा है। नया कार्य, पूजा-अनुष्ठान, खरीदारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए दिन अत्यंत अनुकूल है — राहुकाल आदि का समय छोड़कर।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • अमृत काल7:25 पूर्वाह्न – 8:53 पूर्वाह्नशुभ
  • सर्वार्थ सिद्धि योग7:25 पूर्वाह्न – कल, 7:17 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • यमगंड8:34 पूर्वाह्न – 9:44 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल10:54 पूर्वाह्न – 12:04 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित (बुधवार को वर्जित)11:40 पूर्वाह्न – 12:28 अपराह्नध्यान दें
  • राहुकाल12:04 अपराह्न – 1:13 अपराह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्कल, 3:03 पूर्वाह्न – कल, 4:39 पूर्वाह्नसावधानी
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:51 पूर्वाह्न – कल, 6:39 पूर्वाह्नशुभ
  • रोहिणी → मृगशिरा10:06 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • सिद्ध → साध्य9:19 अपराह्नपरिवर्तन
  • द्वितीया → तृतीयाकल, 2:45 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:25 पूर्वाह्न – 8:34 पूर्वाह्नद्वितीयासिद्ध योग
  • 9:44 पूर्वाह्न – 10:54 पूर्वाह्नद्वितीयासिद्ध योग
  • 1:13 अपराह्न – 4:43 अपराह्नद्वितीयासिद्ध योग