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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

21-11-2026 · शनिवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल द्वादशी · शनिवाररेवती नक्षत्र · सिद्धि योग · बालव करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    शनिवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • पंचक ध्यान दें

    अग्नी पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल द्वादशी (भद्रा) — शुभ तिथि। 6:26 अपराह्न के बाद त्रयोदशी।

  • नक्षत्र शुद्ध

    रेवती — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 7:24 अपराह्न तक, फिर अश्विनी।

  • योग शुद्ध

    सिद्धि — शुभ योग — 4:00 अपराह्न तक, फिर व्यतीपात।

  • करण शुद्ध

    बालव — चर करण, शुभ — 6:26 अपराह्न तक, फिर कौलव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल7:20 पूर्वाह्न – 8:30 पूर्वाह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्7:53 पूर्वाह्न – 9:29 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल9:41 पूर्वाह्न – 10:51 पूर्वाह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:38 पूर्वाह्न – 12:26 अपराह्नशुभ
  • यमगंड1:13 अपराह्न – 2:23 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल5:06 अपराह्न – 6:42 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:46 पूर्वाह्न – कल, 6:34 पूर्वाह्नशुभ
  • सिद्धि → व्यतीपात4:00 अपराह्नपरिवर्तन
  • द्वादशी → त्रयोदशी6:26 अपराह्नपरिवर्तन
  • रेवती → अश्विनी7:24 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 10:51 पूर्वाह्न – 1:13 अपराह्नद्वादशीअभिजित
  • 2:23 अपराह्न – 4:45 अपराह्नद्वादशी