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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

20-11-2026 · शुक्रवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

देवउठनी एकादशी — लोक-मान्य अबूझ मुहूर्त — लोक-परंपरा में इस दिन अधिकांश शुभ कार्य बिना अलग मुहूर्त देखे किए जाते हैं। फिर भी राहुकाल और भद्रा का समय छोड़ें।

कार्तिक शुक्ल एकादशी · शुक्रवारउत्तर भाद्रपद नक्षत्र · वज्र योग · वणिज करणपरिहार: रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग सावधानी

    वज्र — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 6:25 अपराह्न तक, फिर सिद्धि।

  • भद्रा सावधानी

    मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 8:31 पूर्वाह्न – 8:02 अपराह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।

  • पंचक ध्यान दें

    अग्नी पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल एकादशी (नंदा) — शुभ तिथि। 8:01 अपराह्न के बाद द्वादशी।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    उत्तर भाद्रपद — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 8:20 अपराह्न तक, फिर रेवती।

  • करण शुद्ध

    वणिज — चर करण, शुभ — 8:30 पूर्वाह्न तक, फिर विष्टि।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (7:19 पूर्वाह्न – 8:20 अपराह्न) · सर्वार्थ सिद्धि योग (8:20 अपराह्न – कल, 7:20 पूर्वाह्न) · अमृत सिद्धि योग (8:20 अपराह्न – कल, 7:20 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • वर्ज्यम्7:19 पूर्वाह्न – 7:36 पूर्वाह्नसावधानी
  • रवि योग7:19 पूर्वाह्न – 8:20 अपराह्नसिद्ध योग
  • गुलिक काल8:29 पूर्वाह्न – 9:40 पूर्वाह्नसावधानी
  • भद्रा (पृथ्वी)8:31 पूर्वाह्न – 8:02 अपराह्नत्याज्य
  • राहुकाल10:51 पूर्वाह्न – 12:02 अपराह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:38 पूर्वाह्न – 12:26 अपराह्नशुभ
  • यमगंड2:24 अपराह्न – 3:35 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल3:34 अपराह्न – 5:10 अपराह्नशुभ
  • सर्वार्थ सिद्धि योग8:20 अपराह्न – कल, 7:20 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • अमृत सिद्धि योग8:20 अपराह्न – कल, 7:20 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:44 पूर्वाह्न – कल, 6:32 पूर्वाह्नशुभ
  • वज्र → सिद्धि6:25 अपराह्नपरिवर्तन
  • एकादशी → द्वादशी8:01 अपराह्नपरिवर्तन
  • उत्तर भाद्रपद → रेवती8:20 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:36 पूर्वाह्न – 8:29 पूर्वाह्नएकादशीसिद्ध योग