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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

02-11-2026 · सोमवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन कृष्ण नवमी · सोमवारआश्लेषा नक्षत्र · शुक्ल योग · तैतिल करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि सावधानी

    कृष्ण नवमी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। कल, 1:25 पूर्वाह्न के बाद दशमी — शुभ।

  • नक्षत्र सावधानी

    आश्लेषा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 5:16 अपराह्न तक, फिर मघा।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • वार शुद्ध

    सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    शुक्ल — शुभ योग — 11:23 अपराह्न तक, फिर ब्रह्म।

  • करण शुद्ध

    तैतिल — चर करण, शुभ — 1:59 अपराह्न तक, फिर गर।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • वर्ज्यम्6:56 पूर्वाह्न – 8:01 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल8:12 पूर्वाह्न – 9:28 पूर्वाह्नत्याज्य
  • यमगंड10:44 पूर्वाह्न – 12:00 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:36 पूर्वाह्न – 12:24 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल1:16 अपराह्न – 2:32 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल3:43 अपराह्न – 5:19 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:21 पूर्वाह्न – कल, 6:09 पूर्वाह्नशुभ
  • आश्लेषा → मघा5:16 अपराह्नपरिवर्तन
  • शुक्ल → ब्रह्म11:23 अपराह्नपरिवर्तन
  • नवमी → दशमीकल, 1:25 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 9:28 पूर्वाह्न – 10:44 पूर्वाह्ननवमी
  • 12:00 अपराह्न – 1:16 अपराह्ननवमीअभिजित
  • 2:32 अपराह्न – 5:05 अपराह्ननवमी