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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

13-10-2026 · मंगलवार · टोरंटो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन शुक्ल तृतीया · मंगलवारविशाखा नक्षत्र · प्रीति योग · गर करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • नक्षत्र ध्यान दें

    विशाखा — मिश्र (साधारण) नक्षत्र, सामान्य कार्यों हेतु — 4:12 अपराह्न तक, फिर अनुराधा।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल तृतीया (जया) — शुभ तिथि। 1:58 अपराह्न के बाद चतुर्थी — रिक्ता।

  • योग शुद्ध

    प्रीति — शुभ योग — 10:53 पूर्वाह्न तक, फिर आयुष्मान।

  • करण शुद्ध

    गर — चर करण, शुभ — 1:58 अपराह्न तक, फिर वणिज।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (4:12 अपराह्न – कल, 7:32 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    भद्रा कल, 2:47 पूर्वाह्न – कल, 7:32 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • अमृत काल7:30 पूर्वाह्न – 8:20 पूर्वाह्नशुभ
  • यमगंड10:16 पूर्वाह्न – 11:39 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त12:39 अपराह्न – 1:27 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल1:03 अपराह्न – 2:26 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल3:49 अपराह्न – 5:12 अपराह्नत्याज्य
  • रवि योग4:12 अपराह्न – कल, 7:32 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • वर्ज्यम्8:36 अपराह्न – 10:12 अपराह्नसावधानी
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:56 पूर्वाह्न – कल, 6:44 पूर्वाह्नशुभ
  • प्रीति → आयुष्मान10:53 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • तृतीया → चतुर्थी1:58 अपराह्नपरिवर्तन
  • विशाखा → अनुराधा4:12 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:30 पूर्वाह्न – 10:16 पूर्वाह्नतृतीया
  • 11:39 पूर्वाह्न – 1:03 अपराह्नतृतीयाअभिजित
  • 2:26 अपराह्न – 3:49 अपराह्नचतुर्थी
  • 5:12 अपराह्न – 6:36 अपराह्नचतुर्थीसिद्ध योग