DivyaKaal

दिव्य समय, शुभ जीवन

दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

09-12-2026 · बुधवार · सिडनी
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण अमावस्या · बुधवारज्येष्ठा नक्षत्र · धृति योग · नाग करण
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि दोष

    कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। 11:51 पूर्वाह्न के बाद प्रतिपदा।

  • नक्षत्र सावधानी

    ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 2:30 पूर्वाह्न तक, फिर मूल।

  • करण ध्यान दें

    नाग — स्थिर करण, सामान्य — 11:51 पूर्वाह्न तक, फिर किंस्तुघ्न।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • वार शुद्ध

    बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    धृति — शुभ योग — 2:09 अपराह्न तक, फिर शूल।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • वर्ज्यम्6:01 पूर्वाह्न – 7:37 पूर्वाह्नसावधानी
  • यमगंड7:25 पूर्वाह्न – 9:12 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल10:59 पूर्वाह्न – 12:47 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित (बुधवार को वर्जित)12:23 अपराह्न – 1:11 अपराह्नध्यान दें
  • राहुकाल12:47 अपराह्न – 2:34 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल4:42 अपराह्न – 6:18 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:02 पूर्वाह्न – कल, 4:50 पूर्वाह्नशुभ
  • अमावस्या → प्रतिपदा11:51 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • धृति → शूल2:09 अपराह्नपरिवर्तन
  • ज्येष्ठा → मूलकल, 2:30 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 9:12 पूर्वाह्न – 10:59 पूर्वाह्नअमावस्या
  • 2:34 अपराह्न – 7:56 अपराह्नप्रतिपदा