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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

16-10-2026 · शुक्रवार · सिडनी
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन शुक्ल पंचमी · शुक्रवारज्येष्ठा नक्षत्र · शोभन योग · बालव करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • नक्षत्र सावधानी

    ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 12:17 अपराह्न तक, फिर मूल।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 8:55 पूर्वाह्न के बाद षष्ठी।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    शोभन — शुभ योग — कल, 3:35 पूर्वाह्न तक, फिर अतिगण्ड।

  • करण शुद्ध

    बालव — चर करण, शुभ — 8:55 पूर्वाह्न तक, फिर कौलव।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (12:17 अपराह्न – कल, 6:12 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल7:50 पूर्वाह्न – 9:27 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल11:03 पूर्वाह्न – 12:40 अपराह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त12:16 अपराह्न – 1:04 अपराह्नशुभ
  • रवि योग12:17 अपराह्न – कल, 6:12 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • यमगंड3:53 अपराह्न – 5:30 अपराह्नसावधानी
  • अमृत कालकल, 2:29 पूर्वाह्न – कल, 4:05 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:36 पूर्वाह्न – कल, 5:24 पूर्वाह्नशुभ
  • पंचमी → षष्ठी8:55 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • ज्येष्ठा → मूल12:17 अपराह्नपरिवर्तन
  • शोभन → अतिगण्डकल, 3:35 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:14 पूर्वाह्न – 7:50 पूर्वाह्नपंचमी
  • 9:27 पूर्वाह्न – 11:03 पूर्वाह्नषष्ठी
  • 12:40 अपराह्न – 3:53 अपराह्नषष्ठीअभिजितसिद्ध योग
  • 5:30 अपराह्न – 7:07 अपराह्नषष्ठीसिद्ध योग