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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

13-10-2026 · मंगलवार · सिडनी
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन शुक्ल तृतीया · मंगलवारविशाखा नक्षत्र · प्रीति योग · तैतिल करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • नक्षत्र ध्यान दें

    विशाखा — मिश्र (साधारण) नक्षत्र, सामान्य कार्यों हेतु (पूरे दिन)।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल तृतीया (जया) — शुभ तिथि। कल, 4:58 पूर्वाह्न के बाद चतुर्थी — रिक्ता।

  • योग शुद्ध

    प्रीति — शुभ योग — कल, 1:53 पूर्वाह्न तक, फिर आयुष्मान।

  • करण शुद्ध

    तैतिल — चर करण, शुभ — 4:16 अपराह्न तक, फिर गर।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड9:29 पूर्वाह्न – 11:05 पूर्वाह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्11:24 पूर्वाह्न – 1:00 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त12:17 अपराह्न – 1:05 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल12:41 अपराह्न – 2:17 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल3:53 अपराह्न – 5:29 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल9:44 अपराह्न – 11:20 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:40 पूर्वाह्न – कल, 5:28 पूर्वाह्नशुभ
  • प्रीति → आयुष्मानकल, 1:53 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • तृतीया → चतुर्थीकल, 4:58 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:17 पूर्वाह्न – 9:29 पूर्वाह्नतृतीया
  • 2:17 अपराह्न – 3:53 अपराह्नतृतीया
  • 5:29 अपराह्न – 7:05 अपराह्नतृतीया