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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

15-12-2026 · मंगलवार · सुवा
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी · मंगलवारधनिष्ठा नक्षत्र · हर्षण योग · कौलव करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • पंचक ध्यान दें

    अग्नी पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल षष्ठी (नंदा) — शुभ तिथि। कल, 3:49 पूर्वाह्न के बाद सप्तमी।

  • नक्षत्र शुद्ध

    धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 6:22 अपराह्न तक, फिर शतभिषा।

  • योग शुद्ध

    हर्षण — शुभ योग — 8:07 अपराह्न तक, फिर वज्र।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 2:52 अपराह्न तक, फिर तैतिल।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (5:25 पूर्वाह्न – 6:22 अपराह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • मास शुद्ध

    मार्गशीर्ष मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • रवि योग5:25 पूर्वाह्न – 6:22 अपराह्नसिद्ध योग
  • अमृत काल6:49 पूर्वाह्न – 8:25 पूर्वाह्नशुभ
  • यमगंड8:42 पूर्वाह्न – 10:21 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:36 पूर्वाह्न – 12:24 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल12:00 अपराह्न – 1:39 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल3:18 अपराह्न – 4:57 अपराह्नत्याज्य
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 3:50 पूर्वाह्न – कल, 4:38 पूर्वाह्नशुभ
  • धनिष्ठा → शतभिषा6:22 अपराह्नपरिवर्तन
  • हर्षण → वज्र8:07 अपराह्नपरिवर्तन
  • षष्ठी → सप्तमीकल, 3:49 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 5:25 पूर्वाह्न – 8:42 पूर्वाह्नषष्ठीसिद्ध योग
  • 10:21 पूर्वाह्न – 12:00 अपराह्नषष्ठीअभिजितसिद्ध योग
  • 1:39 अपराह्न – 3:18 अपराह्नषष्ठीसिद्ध योग
  • 4:57 अपराह्न – 6:36 अपराह्नषष्ठीसिद्ध योग