दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण
पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
30-11-2026 · सोमवार · सुवा
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
कार्तिक कृष्ण षष्ठी · सोमवारआश्लेषा नक्षत्र · इन्द्र योग · वणिज करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- नक्षत्र सावधानी
आश्लेषा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 4:12 अपराह्न तक, फिर मघा।
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 8:17 पूर्वाह्न – 7:25 अपराह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण षष्ठी (नंदा) — शुभ तिथि। 8:17 पूर्वाह्न के बाद सप्तमी।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
इन्द्र — शुभ योग — 8:56 अपराह्न तक, फिर वैधृति।
- करण शुद्ध
वणिज — चर करण, शुभ — 8:17 पूर्वाह्न तक, फिर विष्टि।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (5:22 पूर्वाह्न – 4:12 अपराह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
सरल निष्कर्ष
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
दिन की समय-रेखा
5:22 पूर्वाह्नसूर्यास्त 6:27 अपराह्नकल, 5:22 पूर्वाह्न
- रवि योग5:22 पूर्वाह्न – 4:12 अपराह्नसिद्ध योग
- वर्ज्यम्5:36 पूर्वाह्न – 7:12 पूर्वाह्नसावधानी
- राहुकाल7:00 पूर्वाह्न – 8:38 पूर्वाह्नत्याज्य
- भद्रा (पृथ्वी)8:17 पूर्वाह्न – 7:25 अपराह्नत्याज्य
- यमगंड10:16 पूर्वाह्न – 11:54 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:30 पूर्वाह्न – 12:18 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:32 अपराह्न – 3:10 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल2:41 अपराह्न – 4:17 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 3:46 पूर्वाह्न – कल, 4:34 पूर्वाह्नशुभ
- षष्ठी → सप्तमी8:17 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- आश्लेषा → मघा4:12 अपराह्नपरिवर्तन
- इन्द्र → वैधृति8:56 अपराह्नपरिवर्तन