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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

14-11-2026 · शनिवार · सुवा
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल पंचमी · शनिवारपूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · धृति योग · बव करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    शनिवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • नक्षत्र सावधानी

    पूर्वाषाढ़ा — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 2:54 पूर्वाह्न तक, फिर उत्तराषाढ़ा।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। पूरे दिन।

  • योग शुद्ध

    धृति — शुभ योग — 11:52 पूर्वाह्न तक, फिर शूल।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 4:33 अपराह्न तक, फिर बालव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल5:23 पूर्वाह्न – 6:59 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल8:36 पूर्वाह्न – 10:13 पूर्वाह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्10:38 पूर्वाह्न – 12:14 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:26 पूर्वाह्न – 12:14 अपराह्नशुभ
  • यमगंड1:27 अपराह्न – 3:04 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल9:29 अपराह्न – 11:05 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 3:47 पूर्वाह्न – कल, 4:35 पूर्वाह्नशुभ
  • धृति → शूल11:52 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • पूर्वाषाढ़ा → उत्तराषाढ़ाकल, 2:54 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:59 पूर्वाह्न – 8:36 पूर्वाह्नपंचमी
  • 12:14 अपराह्न – 1:27 अपराह्नपंचमी
  • 3:04 अपराह्न – 6:18 अपराह्नपंचमी