पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि दोष
कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। 7:54 पूर्वाह्न के बाद प्रतिपदा।
- करण ध्यान दें
नाग — स्थिर करण, सामान्य — 7:54 पूर्वाह्न तक, फिर किंस्तुघ्न।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
उत्तर फाल्गुनी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 5:54 अपराह्न तक, फिर हस्त।
- योग शुद्ध
शुक्ल — शुभ योग — कल, 2:28 पूर्वाह्न तक, फिर ब्रह्म।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
भाद्रपद मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।
दिन की समय-रेखा
- राहुकाल7:27 पूर्वाह्न – 8:58 पूर्वाह्नत्याज्य
- यमगंड10:28 पूर्वाह्न – 11:59 पूर्वाह्नसावधानी
- अमृत काल10:35 पूर्वाह्न – 12:11 अपराह्नशुभ
- अभिजित मुहूर्त11:35 पूर्वाह्न – 12:23 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:29 अपराह्न – 3:00 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्11:48 अपराह्न – कल, 1:24 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:20 पूर्वाह्न – कल, 5:08 पूर्वाह्नशुभ
- अमावस्या → प्रतिपदा7:54 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- उत्तर फाल्गुनी → हस्त5:54 अपराह्नपरिवर्तन
- शुक्ल → ब्रह्मकल, 2:28 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 5:57 पूर्वाह्न – 7:27 पूर्वाह्न
- 8:58 पूर्वाह्न – 10:28 पूर्वाह्न
- 11:59 पूर्वाह्न – 1:29 अपराह्न
- 3:00 अपराह्न – 6:01 अपराह्न