पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 10:54 पूर्वाह्न – 11:04 अपराह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण दशमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 11:04 अपराह्न के बाद एकादशी।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
उत्तर फाल्गुनी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 9:23 पूर्वाह्न तक, फिर हस्त।
- योग शुद्ध
प्रीति — शुभ योग — 9:14 पूर्वाह्न तक, फिर आयुष्मान।
- करण शुद्ध
वणिज — चर करण, शुभ — 10:54 पूर्वाह्न तक, फिर विष्टि।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड7:01 पूर्वाह्न – 8:22 पूर्वाह्नसावधानी
- गुलिक काल9:44 पूर्वाह्न – 11:06 पूर्वाह्नसावधानी
- भद्रा (पृथ्वी)10:54 पूर्वाह्न – 11:04 अपराह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त12:04 अपराह्न – 12:52 अपराह्नशुभ
- राहुकाल1:49 अपराह्न – 3:11 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्6:08 अपराह्न – 7:44 अपराह्नसावधानी
- अमृत कालकल, 2:28 पूर्वाह्न – कल, 4:04 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:26 पूर्वाह्न – कल, 6:14 पूर्वाह्नशुभ
- प्रीति → आयुष्मान9:14 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- उत्तर फाल्गुनी → हस्त9:23 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- दशमी → एकादशी11:04 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:22 पूर्वाह्न – 9:44 पूर्वाह्न