पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
कृष्ण नवमी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 11:55 पूर्वाह्न के बाद दशमी — शुभ।
- वार सावधानी
मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- नक्षत्र सावधानी
मघा — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 3:26 पूर्वाह्न तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी।
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 11:26 अपराह्न – कल, 6:44 पूर्वाह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- योग शुद्ध
शुक्ल — शुभ योग — 9:53 पूर्वाह्न तक, फिर ब्रह्म।
- करण शुद्ध
गर — चर करण, शुभ — 11:55 पूर्वाह्न तक, फिर वणिज।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड9:32 पूर्वाह्न – 10:56 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:57 पूर्वाह्न – 12:45 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल12:21 अपराह्न – 1:46 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल3:10 अपराह्न – 4:35 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्3:36 अपराह्न – 5:12 अपराह्नसावधानी
- भद्रा (पृथ्वी)11:26 अपराह्न – कल, 6:43 पूर्वाह्नत्याज्य
- अमृत कालकल, 2:13 पूर्वाह्न – कल, 3:49 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:07 पूर्वाह्न – कल, 5:55 पूर्वाह्नशुभ
- शुक्ल → ब्रह्म9:53 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- नवमी → दशमी11:55 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- मघा → पूर्वा फाल्गुनीकल, 3:26 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:43 पूर्वाह्न – 9:32 पूर्वाह्न
- 10:56 पूर्वाह्न – 12:21 अपराह्न
- 1:46 अपराह्न – 3:10 अपराह्न
- 5:12 अपराह्न – 6:00 अपराह्न