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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

19-12-2026 · शनिवार · सिंगापुर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी · शनिवाररेवती नक्षत्र · वरीयान योग · तैतिल करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    शनिवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • मास सावधानी

    खरमास — विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार वर्जित; पूजा-पाठ, दान शुभ।

  • पंचक ध्यान दें

    अग्नी पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल दशमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। कल, 12:39 पूर्वाह्न के बाद एकादशी।

  • नक्षत्र शुद्ध

    रेवती — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 6:27 अपराह्न तक, फिर अश्विनी।

  • योग शुद्ध

    वरीयान — शुभ योग — 1:04 अपराह्न तक, फिर परिघ।

  • करण शुद्ध

    तैतिल — चर करण, शुभ — 1:18 अपराह्न तक, फिर गर।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (7:00 पूर्वाह्न – कल, 7:01 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल7:00 पूर्वाह्न – 8:30 पूर्वाह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्7:00 पूर्वाह्न – 8:10 पूर्वाह्नसावधानी
  • रवि योग7:00 पूर्वाह्न – कल, 7:01 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • राहुकाल10:00 पूर्वाह्न – 11:30 पूर्वाह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त12:37 अपराह्न – 1:25 अपराह्नशुभ
  • यमगंड2:31 अपराह्न – 4:01 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल4:05 अपराह्न – 5:41 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:25 पूर्वाह्न – कल, 6:13 पूर्वाह्नशुभ
  • वरीयान → परिघ1:04 अपराह्नपरिवर्तन
  • रेवती → अश्विनी6:27 अपराह्नपरिवर्तन
  • दशमी → एकादशीकल, 12:39 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 8:30 पूर्वाह्न – 10:00 पूर्वाह्नदशमीसिद्ध योग
  • 11:30 पूर्वाह्न – 2:31 अपराह्नदशमीअभिजितसिद्ध योग
  • 4:01 अपराह्न – 7:02 अपराह्नदशमीसिद्ध योग