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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

22-11-2026 · रविवार · सिंगापुर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल द्वादशी · रविवाररेवती नक्षत्र · व्यतीपात योग · बालव करणपरिहार: सर्वार्थ सिद्धि योग
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग दोष

    व्यतीपात — महापात योग, शुभ कार्यों में पूर्णतः त्याज्य — कल, 1:59 पूर्वाह्न तक, फिर वरीयान।

  • अशुभ योग सावधानी

    दग्ध योग (वार-तिथि) — सर्वार्थ सिद्धि योग से परिहार।

  • वार ध्यान दें

    रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।

  • पंचक ध्यान दें

    अग्नी पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल द्वादशी (भद्रा) — शुभ तिथि। 7:26 पूर्वाह्न के बाद त्रयोदशी।

  • नक्षत्र शुद्ध

    रेवती — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 8:24 पूर्वाह्न तक, फिर अश्विनी।

  • करण शुद्ध

    बालव — चर करण, शुभ — 7:26 पूर्वाह्न तक, फिर कौलव।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    सर्वार्थ सिद्धि योग (8:24 पूर्वाह्न – कल, 6:45 पूर्वाह्न)।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • अमृत काल6:49 पूर्वाह्न – 7:42 पूर्वाह्नशुभ
  • सर्वार्थ सिद्धि योग8:24 पूर्वाह्न – कल, 6:45 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • अभिजित मुहूर्त12:26 अपराह्न – 1:14 अपराह्नशुभ
  • यमगंड12:50 अपराह्न – 2:20 अपराह्नसावधानी
  • गुलिक काल3:50 अपराह्न – 5:20 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल5:20 अपराह्न – 6:51 अपराह्नत्याज्य
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:14 पूर्वाह्न – कल, 6:02 पूर्वाह्नशुभ
  • द्वादशी → त्रयोदशी7:26 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • रेवती → अश्विनी8:24 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • व्यतीपात → वरीयानकल, 1:59 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:49 पूर्वाह्न – 12:50 अपराह्नद्वादशीअभिजितसिद्ध योग
  • 2:20 अपराह्न – 3:50 अपराह्नत्रयोदशीसिद्ध योग