दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण
पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
17-11-2026 · मंगलवार · सिंगापुर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
कार्तिक शुक्ल सप्तमी · मंगलवारधनिष्ठा नक्षत्र · वृद्धि योग · वणिज करण
दोष युक्त · परिहार सहित- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- वार सावधानी
मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 6:50 पूर्वाह्न – 7:48 अपराह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल सप्तमी (भद्रा) — शुभ तिथि। 6:50 पूर्वाह्न के बाद अष्टमी।
- नक्षत्र शुद्ध
धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य (पूरे दिन)।
- योग शुद्ध
वृद्धि — शुभ योग — 10:23 पूर्वाह्न तक, फिर ध्रुव।
- करण शुद्ध
वणिज — चर करण, शुभ — 6:50 पूर्वाह्न तक, फिर विष्टि।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
द्विपुष्कर योग (6:48 पूर्वाह्न – 6:50 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
सरल निष्कर्ष
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
दिन की समय-रेखा
6:48 पूर्वाह्नसूर्यास्त 6:50 अपराह्नकल, 6:48 पूर्वाह्न
- द्विपुष्कर योग6:48 पूर्वाह्न – 6:50 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- भद्रा (पृथ्वी)6:50 पूर्वाह्न – 7:48 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्9:10 पूर्वाह्न – 10:46 पूर्वाह्नसावधानी
- यमगंड9:48 पूर्वाह्न – 11:18 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त12:25 अपराह्न – 1:13 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल12:49 अपराह्न – 2:19 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल3:49 अपराह्न – 5:19 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल7:41 अपराह्न – 9:17 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:12 पूर्वाह्न – कल, 6:00 पूर्वाह्नशुभ
- सप्तमी → अष्टमी6:50 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- वृद्धि → ध्रुव10:23 पूर्वाह्नपरिवर्तन