दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण
पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
14-12-2026 · सोमवार · सैन फ्रांसिस्को
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी · सोमवारधनिष्ठा नक्षत्र · हर्षण योग · कौलव करणपरिहार: रवि योग
उत्तम- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि शुद्ध
शुक्ल षष्ठी (नंदा) — शुभ तिथि। पूरे दिन।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 10:22 अपराह्न तक, फिर शतभिषा।
- योग शुद्ध
हर्षण — शुभ योग — कल, 12:07 पूर्वाह्न तक, फिर वज्र।
- करण शुद्ध
कौलव — चर करण, शुभ — 6:52 अपराह्न तक, फिर तैतिल।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (7:18 पूर्वाह्न – 10:22 अपराह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
मार्गशीर्ष मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
सरल निष्कर्ष
पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
दिन की समय-रेखा
7:18 पूर्वाह्नसूर्यास्त 4:50 अपराह्नकल, 7:19 पूर्वाह्न
- रवि योग7:18 पूर्वाह्न – 10:22 अपराह्नसिद्ध योग
- राहुकाल8:29 पूर्वाह्न – 9:41 पूर्वाह्नत्याज्य
- अमृत काल10:49 पूर्वाह्न – 12:25 अपराह्नशुभ
- यमगंड10:52 पूर्वाह्न – 12:04 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:40 पूर्वाह्न – 12:28 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:15 अपराह्न – 2:27 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्कल, 12:09 पूर्वाह्न – कल, 1:45 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:43 पूर्वाह्न – कल, 6:31 पूर्वाह्नशुभ
- धनिष्ठा → शतभिषा10:22 अपराह्नपरिवर्तन
- हर्षण → वज्रकल, 12:07 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:18 पूर्वाह्न – 8:29 पूर्वाह्न
- 9:41 पूर्वाह्न – 10:52 पूर्वाह्न
- 12:04 अपराह्न – 1:15 अपराह्न
- 2:27 अपराह्न – 4:50 अपराह्न