पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
शुक्ल चतुर्थी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। पूरे दिन।
- नक्षत्र सावधानी
मूल — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 3:47 पूर्वाह्न तक, फिर पूर्वाषाढ़ा।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
सुकर्मा — शुभ योग — 2:56 अपराह्न तक, फिर धृति।
- करण शुद्ध
वणिज — चर करण, शुभ — 5:54 अपराह्न तक, फिर विष्टि।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (6:48 पूर्वाह्न – कल, 3:47 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
भद्रा 5:55 अपराह्न – कल, 6:49 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड6:48 पूर्वाह्न – 8:04 पूर्वाह्नसावधानी
- रवि योग6:48 पूर्वाह्न – कल, 3:47 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- गुलिक काल9:20 पूर्वाह्न – 10:37 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:29 पूर्वाह्न – 12:17 अपराह्नशुभ
- राहुकाल1:09 अपराह्न – 2:26 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल8:36 अपराह्न – 10:12 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:13 पूर्वाह्न – कल, 6:01 पूर्वाह्नशुभ
- सुकर्मा → धृति2:56 अपराह्नपरिवर्तन
- मूल → पूर्वाषाढ़ाकल, 3:47 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:04 पूर्वाह्न – 9:20 पूर्वाह्न
- 10:37 पूर्वाह्न – 1:09 अपराह्न
- 2:26 अपराह्न – 4:59 अपराह्न