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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

12-11-2026 · गुरुवार · सैन फ्रांसिस्को
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल चतुर्थी · गुरुवारमूल नक्षत्र · सुकर्मा योग · वणिज करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि सावधानी

    शुक्ल चतुर्थी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। पूरे दिन।

  • नक्षत्र सावधानी

    मूल — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 3:47 पूर्वाह्न तक, फिर पूर्वाषाढ़ा।

  • वार शुद्ध

    गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    सुकर्मा — शुभ योग — 2:56 अपराह्न तक, फिर धृति।

  • करण शुद्ध

    वणिज — चर करण, शुभ — 5:54 अपराह्न तक, फिर विष्टि।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (6:48 पूर्वाह्न – कल, 3:47 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    भद्रा 5:55 अपराह्न – कल, 6:49 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड6:48 पूर्वाह्न – 8:04 पूर्वाह्नसावधानी
  • रवि योग6:48 पूर्वाह्न – कल, 3:47 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • गुलिक काल9:20 पूर्वाह्न – 10:37 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:29 पूर्वाह्न – 12:17 अपराह्नशुभ
  • राहुकाल1:09 अपराह्न – 2:26 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल8:36 अपराह्न – 10:12 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:13 पूर्वाह्न – कल, 6:01 पूर्वाह्नशुभ
  • सुकर्मा → धृति2:56 अपराह्नपरिवर्तन
  • मूल → पूर्वाषाढ़ाकल, 3:47 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 8:04 पूर्वाह्न – 9:20 पूर्वाह्नचतुर्थीसिद्ध योग
  • 10:37 पूर्वाह्न – 1:09 अपराह्नचतुर्थीअभिजितसिद्ध योग
  • 2:26 अपराह्न – 4:59 अपराह्नचतुर्थीसिद्ध योग