पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- वार सावधानी
मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- नक्षत्र सावधानी
मघा — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 1:56 अपराह्न तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी।
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 9:56 पूर्वाह्न – 9:34 अपराह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण दशमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 9:33 अपराह्न के बाद एकादशी।
- योग शुद्ध
ब्रह्म — शुभ योग — 6:30 अपराह्न तक, फिर इन्द्र।
- करण शुद्ध
वणिज — चर करण, शुभ — 9:56 पूर्वाह्न तक, फिर विष्टि।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड9:15 पूर्वाह्न – 10:33 पूर्वाह्नसावधानी
- भद्रा (पृथ्वी)9:56 पूर्वाह्न – 9:34 अपराह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त11:28 पूर्वाह्न – 12:16 अपराह्नशुभ
- अमृत काल11:34 पूर्वाह्न – 1:10 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल11:52 पूर्वाह्न – 1:11 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल2:29 अपराह्न – 3:48 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्कल, 2:06 पूर्वाह्न – कल, 3:42 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:03 पूर्वाह्न – कल, 5:51 पूर्वाह्नशुभ
- मघा → पूर्वा फाल्गुनी1:56 अपराह्नपरिवर्तन
- ब्रह्म → इन्द्र6:30 अपराह्नपरिवर्तन
- दशमी → एकादशी9:33 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:38 पूर्वाह्न – 9:15 पूर्वाह्न