पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
शुक्ल चतुर्थी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। कल, 1:13 पूर्वाह्न के बाद पंचमी — शुभ।
- वार शुद्ध
बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
अनुराधा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 4:03 पूर्वाह्न तक, फिर ज्येष्ठा।
- योग शुद्ध
आयुष्मान — शुभ योग — 8:38 अपराह्न तक, फिर सौभाग्य।
- करण शुद्ध
वणिज — चर करण, शुभ — 12:17 अपराह्न तक, फिर विष्टि।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (5:59 पूर्वाह्न – कल, 4:03 पूर्वाह्न) · सर्वार्थ सिद्धि योग (5:59 पूर्वाह्न – कल, 4:03 पूर्वाह्न) · अमृत सिद्धि योग (5:59 पूर्वाह्न – कल, 4:03 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
भद्रा 12:17 अपराह्न – कल, 1:14 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- रवि योग5:59 पूर्वाह्न – कल, 4:03 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- सर्वार्थ सिद्धि योग5:59 पूर्वाह्न – कल, 4:03 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- अमृत सिद्धि योग5:59 पूर्वाह्न – कल, 4:03 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- वर्ज्यम्6:06 पूर्वाह्न – 7:42 पूर्वाह्नसावधानी
- यमगंड7:26 पूर्वाह्न – 8:54 पूर्वाह्नसावधानी
- गुलिक काल10:21 पूर्वाह्न – 11:49 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित (बुधवार को वर्जित)11:25 पूर्वाह्न – 12:13 अपराह्नध्यान दें
- राहुकाल11:49 पूर्वाह्न – 1:16 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल4:38 अपराह्न – 6:14 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:23 पूर्वाह्न – कल, 5:11 पूर्वाह्नशुभ
- आयुष्मान → सौभाग्य8:38 अपराह्नपरिवर्तन
- चतुर्थी → पंचमीकल, 1:13 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- अनुराधा → ज्येष्ठाकल, 4:03 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:54 पूर्वाह्न – 10:21 पूर्वाह्न
- 1:16 अपराह्न – 5:39 अपराह्न