पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
कृष्ण नवमी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 1:10 अपराह्न के बाद दशमी — शुभ।
- योग सावधानी
अतिगण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 11:43 पूर्वाह्न तक, फिर सुकर्मा।
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा कल, 1:43 पूर्वाह्न – कल, 7:08 पूर्वाह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- मास सावधानी
खरमास — विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार वर्जित; पूजा-पाठ, दान शुभ।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- वार शुद्ध
शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
चित्रा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 5:29 अपराह्न तक, फिर स्वाति।
- करण शुद्ध
गर — चर करण, शुभ — 1:10 अपराह्न तक, फिर वणिज।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- गुलिक काल8:29 पूर्वाह्न – 9:52 पूर्वाह्नसावधानी
- अमृत काल10:45 पूर्वाह्न – 12:21 अपराह्नशुभ
- राहुकाल11:14 पूर्वाह्न – 12:37 अपराह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त12:13 अपराह्न – 1:01 अपराह्नशुभ
- यमगंड3:22 अपराह्न – 4:45 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्कल, 12:39 पूर्वाह्न – कल, 2:15 पूर्वाह्नसावधानी
- भद्रा (पृथ्वी)कल, 1:43 पूर्वाह्न – कल, 7:08 पूर्वाह्नत्याज्य
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:32 पूर्वाह्न – कल, 6:20 पूर्वाह्नशुभ
- अतिगण्ड → सुकर्मा11:43 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- नवमी → दशमी1:10 अपराह्नपरिवर्तन
- चित्रा → स्वाति5:29 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:07 पूर्वाह्न – 8:29 पूर्वाह्न
- 9:52 पूर्वाह्न – 11:14 पूर्वाह्न
- 12:37 अपराह्न – 3:22 अपराह्न
- 4:45 अपराह्न – 6:08 अपराह्न