पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- नक्षत्र सावधानी
मघा — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 8:36 पूर्वाह्न तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी।
- मास सावधानी
खरमास — विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार वर्जित; पूजा-पाठ, दान शुभ।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 2:28 अपराह्न के बाद षष्ठी।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
आयुष्मान — शुभ योग — कल, 4:35 पूर्वाह्न तक, फिर सौभाग्य।
- करण शुद्ध
तैतिल — चर करण, शुभ — 2:28 अपराह्न तक, फिर गर।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- अमृत काल7:07 पूर्वाह्न – 7:31 पूर्वाह्नशुभ
- राहुकाल8:29 पूर्वाह्न – 9:52 पूर्वाह्नत्याज्य
- यमगंड11:14 पूर्वाह्न – 12:37 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त12:13 अपराह्न – 1:01 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:59 अपराह्न – 3:22 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्5:38 अपराह्न – 7:14 अपराह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:31 पूर्वाह्न – कल, 6:19 पूर्वाह्नशुभ
- मघा → पूर्वा फाल्गुनी8:36 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- पंचमी → षष्ठी2:28 अपराह्नपरिवर्तन
- आयुष्मान → सौभाग्यकल, 4:35 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:07 पूर्वाह्न – 8:29 पूर्वाह्न
- 9:52 पूर्वाह्न – 11:14 पूर्वाह्न
- 12:37 अपराह्न – 1:59 अपराह्न
- 3:22 अपराह्न – 5:38 अपराह्न