पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- योग सावधानी
शूल — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 6:22 पूर्वाह्न तक, फिर गण्ड।
- वार ध्यान दें
रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल षष्ठी (नंदा) — शुभ तिथि। कल, 2:01 पूर्वाह्न के बाद सप्तमी।
- नक्षत्र शुद्ध
उत्तराषाढ़ा — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 11:28 अपराह्न तक, फिर श्रावण।
- करण शुद्ध
कौलव — चर करण, शुभ — 12:44 अपराह्न तक, फिर तैतिल।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (6:07 पूर्वाह्न – 11:28 अपराह्न) · सर्वार्थ सिद्धि योग (6:07 पूर्वाह्न – 11:28 अपराह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- वर्ज्यम्6:07 पूर्वाह्न – 7:02 पूर्वाह्नसावधानी
- रवि योग6:07 पूर्वाह्न – 11:28 अपराह्नसिद्ध योग
- सर्वार्थ सिद्धि योग6:07 पूर्वाह्न – 11:28 अपराह्नसिद्ध योग
- अभिजित मुहूर्त11:09 पूर्वाह्न – 11:57 पूर्वाह्नशुभ
- यमगंड11:33 पूर्वाह्न – 12:54 अपराह्नसावधानी
- गुलिक काल2:16 अपराह्न – 3:37 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल3:37 अपराह्न – 4:59 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल4:16 अपराह्न – 5:52 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:32 पूर्वाह्न – कल, 5:20 पूर्वाह्नशुभ
- शूल → गण्ड6:22 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- उत्तराषाढ़ा → श्रावण11:28 अपराह्नपरिवर्तन
- षष्ठी → सप्तमीकल, 2:01 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:02 पूर्वाह्न – 11:33 पूर्वाह्न
- 12:54 अपराह्न – 2:16 अपराह्न