दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण
पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
14-12-2026 · सोमवार · न्यूयॉर्क
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी · सोमवारधनिष्ठा नक्षत्र · हर्षण योग · बालव करणपरिहार: रवि योग
उत्तम- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि शुद्ध
शुक्ल पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 8:46 पूर्वाह्न के बाद षष्ठी।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 1:22 पूर्वाह्न तक, फिर शतभिषा।
- योग शुद्ध
हर्षण — शुभ योग — कल, 3:07 पूर्वाह्न तक, फिर वज्र।
- करण शुद्ध
बालव — चर करण, शुभ — 8:46 पूर्वाह्न तक, फिर कौलव।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (7:13 पूर्वाह्न – कल, 1:22 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
मार्गशीर्ष मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
सरल निष्कर्ष
पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
दिन की समय-रेखा
7:13 पूर्वाह्नसूर्यास्त 4:27 अपराह्नकल, 7:14 पूर्वाह्न
- रवि योग7:13 पूर्वाह्न – कल, 1:22 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- राहुकाल8:22 पूर्वाह्न – 9:31 पूर्वाह्नत्याज्य
- यमगंड10:40 पूर्वाह्न – 11:50 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:26 पूर्वाह्न – 12:14 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल12:59 अपराह्न – 2:08 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल1:49 अपराह्न – 3:25 अपराह्नशुभ
- वर्ज्यम्कल, 3:09 पूर्वाह्न – कल, 4:45 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:38 पूर्वाह्न – कल, 6:26 पूर्वाह्नशुभ
- पंचमी → षष्ठी8:46 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- धनिष्ठा → शतभिषाकल, 1:22 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- हर्षण → वज्रकल, 3:07 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:13 पूर्वाह्न – 8:22 पूर्वाह्न
- 9:31 पूर्वाह्न – 10:40 पूर्वाह्न
- 11:50 पूर्वाह्न – 12:59 अपराह्न
- 2:08 अपराह्न – 4:27 अपराह्न