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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

11-11-2026 · बुधवार · न्यूयॉर्क
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल तृतीया · बुधवारज्येष्ठा नक्षत्र · अतिगण्ड योग · तैतिल करण
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • अशुभ योग दोष

    दग्ध योग (वार-तिथि) — शुभ कार्यों में त्याज्य।

  • नक्षत्र सावधानी

    ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 3:49 पूर्वाह्न तक, फिर मूल।

  • योग सावधानी

    अतिगण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 5:10 अपराह्न तक, फिर सुकर्मा।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल तृतीया (जया) — शुभ तिथि। पूरे दिन।

  • वार शुद्ध

    बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • करण शुद्ध

    तैतिल — चर करण, शुभ — 6:29 अपराह्न तक, फिर गर।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • वर्ज्यम्7:22 पूर्वाह्न – 8:58 पूर्वाह्नसावधानी
  • यमगंड7:54 पूर्वाह्न – 9:09 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल10:24 पूर्वाह्न – 11:39 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित (बुधवार को वर्जित)11:15 पूर्वाह्न – 12:03 अपराह्नध्यान दें
  • राहुकाल11:39 पूर्वाह्न – 12:54 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल6:02 अपराह्न – 7:38 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:04 पूर्वाह्न – कल, 5:52 पूर्वाह्नशुभ
  • अतिगण्ड → सुकर्मा5:10 अपराह्नपरिवर्तन
  • ज्येष्ठा → मूलकल, 3:49 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:39 पूर्वाह्न – 7:22 पूर्वाह्नतृतीया
  • 9:09 पूर्वाह्न – 10:24 पूर्वाह्नतृतीया
  • 12:54 अपराह्न – 4:40 अपराह्नतृतीया