पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
कृष्ण नवमी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। कल, 1:25 पूर्वाह्न के बाद दशमी — शुभ।
- नक्षत्र सावधानी
आश्लेषा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 5:16 अपराह्न तक, फिर मघा।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
शुक्ल — शुभ योग — 11:23 अपराह्न तक, फिर ब्रह्म।
- करण शुद्ध
तैतिल — चर करण, शुभ — 1:59 अपराह्न तक, फिर गर।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- वर्ज्यम्6:28 पूर्वाह्न – 8:01 पूर्वाह्नसावधानी
- राहुकाल7:45 पूर्वाह्न – 9:03 पूर्वाह्नत्याज्य
- यमगंड10:20 पूर्वाह्न – 11:38 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:14 पूर्वाह्न – 12:02 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल12:56 अपराह्न – 2:13 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल3:43 अपराह्न – 5:19 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:54 पूर्वाह्न – कल, 5:42 पूर्वाह्नशुभ
- आश्लेषा → मघा5:16 अपराह्नपरिवर्तन
- शुक्ल → ब्रह्म11:23 अपराह्नपरिवर्तन
- नवमी → दशमीकल, 1:25 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 9:03 पूर्वाह्न – 10:20 पूर्वाह्न
- 11:38 पूर्वाह्न – 12:56 अपराह्न
- 2:13 अपराह्न – 4:49 अपराह्न