पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- नक्षत्र सावधानी
आर्द्रा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 9:42 अपराह्न तक, फिर पुनर्वसु।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 9:55 पूर्वाह्न के बाद षष्ठी।
- वार शुद्ध
शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
शिव — शुभ योग — 11:11 पूर्वाह्न तक, फिर सिद्ध।
- करण शुद्ध
तैतिल — चर करण, शुभ — 9:55 पूर्वाह्न तक, फिर गर।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
सर्वार्थ सिद्धि योग (9:42 अपराह्न – कल, 7:26 पूर्वाह्न) · रवि योग (9:42 अपराह्न – कल, 7:26 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- गुलिक काल8:43 पूर्वाह्न – 10:02 पूर्वाह्नसावधानी
- राहुकाल11:20 पूर्वाह्न – 12:39 अपराह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त12:15 अपराह्न – 1:03 अपराह्नशुभ
- अमृत काल12:29 अपराह्न – 2:05 अपराह्नशुभ
- यमगंड3:16 अपराह्न – 4:34 अपराह्नसावधानी
- सर्वार्थ सिद्धि योग9:42 अपराह्न – कल, 7:26 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- रवि योग9:42 अपराह्न – कल, 7:26 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- वर्ज्यम्कल, 3:38 पूर्वाह्न – कल, 5:14 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:50 पूर्वाह्न – कल, 6:38 पूर्वाह्नशुभ
- पंचमी → षष्ठी9:55 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- शिव → सिद्ध11:11 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- आर्द्रा → पुनर्वसु9:42 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:25 पूर्वाह्न – 8:43 पूर्वाह्न
- 10:02 पूर्वाह्न – 11:20 पूर्वाह्न
- 12:39 अपराह्न – 3:16 अपराह्न
- 4:34 अपराह्न – 5:53 अपराह्न