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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

21-10-2026 · बुधवार · न्यूयॉर्क
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन शुक्ल एकादशी · बुधवारधनिष्ठा नक्षत्र · गण्ड योग · वणिज करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग सावधानी

    गण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 3:02 अपराह्न तक, फिर वृद्धि।

  • भद्रा सावधानी

    मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 5:06 अपराह्न – कल, 5:19 पूर्वाह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।

  • पंचक ध्यान दें

    अग्नी पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल एकादशी (नंदा) — शुभ तिथि। कल, 5:18 पूर्वाह्न के बाद द्वादशी।

  • वार शुद्ध

    बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 10:17 पूर्वाह्न तक, फिर शतभिषा।

  • करण शुद्ध

    वणिज — चर करण, शुभ — 5:06 अपराह्न तक, फिर विष्टि।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (7:15 पूर्वाह्न – 10:17 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • रवि योग7:15 पूर्वाह्न – 10:17 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • यमगंड8:36 पूर्वाह्न – 9:57 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल11:18 पूर्वाह्न – 12:40 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित (बुधवार को वर्जित)12:16 अपराह्न – 1:04 अपराह्नध्यान दें
  • राहुकाल12:40 अपराह्न – 2:01 अपराह्नत्याज्य
  • भद्रा (पृथ्वी)5:06 अपराह्न – कल, 5:19 पूर्वाह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्5:48 अपराह्न – 7:24 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल11:08 अपराह्न – कल, 12:44 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:40 पूर्वाह्न – कल, 6:28 पूर्वाह्नशुभ
  • धनिष्ठा → शतभिषा10:17 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • गण्ड → वृद्धि3:02 अपराह्नपरिवर्तन
  • एकादशी → द्वादशीकल, 5:18 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:15 पूर्वाह्न – 8:36 पूर्वाह्नएकादशीसिद्ध योग
  • 9:57 पूर्वाह्न – 11:18 पूर्वाह्नएकादशीसिद्ध योग
  • 2:01 अपराह्न – 5:06 अपराह्नएकादशी