पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि दोष
कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। कल, 6:21 पूर्वाह्न के बाद प्रतिपदा।
- वार सावधानी
मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- करण ध्यान दें
चतुष्पाद — स्थिर करण, सामान्य — 5:15 अपराह्न तक, फिर नाग।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- नक्षत्र शुद्ध
अनुराधा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 6:16 अपराह्न तक, फिर ज्येष्ठा।
- योग शुद्ध
सुकर्मा — शुभ योग — 8:06 पूर्वाह्न तक, फिर धृति।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।
दिन की समय-रेखा
- अमृत काल7:00 पूर्वाह्न – 8:24 पूर्वाह्नशुभ
- यमगंड9:44 पूर्वाह्न – 11:07 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त12:05 अपराह्न – 12:53 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल12:29 अपराह्न – 1:51 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल3:14 अपराह्न – 4:36 अपराह्नत्याज्य
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:25 पूर्वाह्न – कल, 6:13 पूर्वाह्नशुभ
- सुकर्मा → धृति8:06 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- अनुराधा → ज्येष्ठा6:16 अपराह्नपरिवर्तन
- अमावस्या → प्रतिपदाकल, 6:21 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:00 पूर्वाह्न – 9:44 पूर्वाह्न
- 11:07 पूर्वाह्न – 12:29 अपराह्न
- 1:51 अपराह्न – 3:14 अपराह्न
- 4:36 अपराह्न – 5:59 अपराह्न