पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 9:43 पूर्वाह्न के बाद अमावस्या — वर्जित।
- वार सावधानी
मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- करण ध्यान दें
शकुनि — स्थिर करण, सामान्य — 9:43 पूर्वाह्न तक, फिर चतुष्पाद।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- नक्षत्र शुद्ध
अनुराधा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 11:46 अपराह्न तक, फिर ज्येष्ठा।
- योग शुद्ध
सुकर्मा — शुभ योग — 1:36 अपराह्न तक, फिर धृति।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड9:31 पूर्वाह्न – 11:21 पूर्वाह्नसावधानी
- अमृत काल12:18 अपराह्न – 1:54 अपराह्नशुभ
- अभिजित मुहूर्त12:47 अपराह्न – 1:35 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:11 अपराह्न – 3:01 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल4:51 अपराह्न – 6:41 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्कल, 1:43 पूर्वाह्न – कल, 3:19 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:16 पूर्वाह्न – कल, 5:04 पूर्वाह्नशुभ
- चतुर्दशी → अमावस्या9:43 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- सुकर्मा → धृति1:36 अपराह्नपरिवर्तन
- अनुराधा → ज्येष्ठा11:46 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 5:52 पूर्वाह्न – 9:31 पूर्वाह्न
- 11:21 पूर्वाह्न – 1:11 अपराह्न
- 3:01 अपराह्न – 4:51 अपराह्न
- 6:41 अपराह्न – 8:31 अपराह्न