दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण
पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
04-12-2026 · शुक्रवार · मेलबर्न
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
कार्तिक कृष्ण एकादशी · शुक्रवारहस्त नक्षत्र · आयुष्मान योग · बव करण
उत्तम- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण एकादशी (नंदा) — शुभ तिथि। कल, 5:15 पूर्वाह्न के बाद द्वादशी।
- वार शुद्ध
शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
हस्त — क्षिप्र (लघु) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 3:52 अपराह्न तक, फिर चित्रा।
- योग शुद्ध
आयुष्मान — शुभ योग — 1:53 अपराह्न तक, फिर सौभाग्य।
- करण शुद्ध
बव — चर करण, शुभ — 4:51 अपराह्न तक, फिर बालव।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
सरल निष्कर्ष
पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
दिन की समय-रेखा
5:52 पूर्वाह्नसूर्यास्त 8:27 अपराह्नकल, 5:52 पूर्वाह्न
- गुलिक काल7:41 पूर्वाह्न – 9:30 पूर्वाह्नसावधानी
- अमृत काल9:38 पूर्वाह्न – 11:14 पूर्वाह्नशुभ
- राहुकाल11:20 पूर्वाह्न – 1:09 अपराह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त12:45 अपराह्न – 1:33 अपराह्नशुभ
- यमगंड4:48 अपराह्न – 6:37 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्11:38 अपराह्न – कल, 1:14 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:16 पूर्वाह्न – कल, 5:04 पूर्वाह्नशुभ
- आयुष्मान → सौभाग्य1:53 अपराह्नपरिवर्तन
- हस्त → चित्रा3:52 अपराह्नपरिवर्तन
- एकादशी → द्वादशीकल, 5:15 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 5:52 पूर्वाह्न – 7:41 पूर्वाह्न
- 9:30 पूर्वाह्न – 11:20 पूर्वाह्न
- 1:09 अपराह्न – 4:48 अपराह्न
- 6:37 अपराह्न – 8:27 अपराह्न