पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- योग सावधानी
गण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 12:45 अपराह्न तक, फिर वृद्धि।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल षष्ठी (नंदा) — शुभ तिथि। 7:31 पूर्वाह्न के बाद सप्तमी।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
श्रावण — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य (पूरे दिन)।
- करण शुद्ध
तैतिल — चर करण, शुभ — 7:31 पूर्वाह्न तक, फिर गर।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
सर्वार्थ सिद्धि योग (6:00 पूर्वाह्न – कल, 6:00 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- सर्वार्थ सिद्धि योग6:00 पूर्वाह्न – कल, 6:00 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- राहुकाल7:46 पूर्वाह्न – 9:32 पूर्वाह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्9:27 पूर्वाह्न – 11:03 पूर्वाह्नसावधानी
- यमगंड11:18 पूर्वाह्न – 1:04 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त12:40 अपराह्न – 1:28 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल2:50 अपराह्न – 4:36 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल8:10 अपराह्न – 9:46 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:24 पूर्वाह्न – कल, 5:12 पूर्वाह्नशुभ
- षष्ठी → सप्तमी7:31 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- गण्ड → वृद्धि12:45 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:00 पूर्वाह्न – 7:46 पूर्वाह्न
- 1:04 अपराह्न – 2:50 अपराह्न
- 4:36 अपराह्न – 8:09 अपराह्न