पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- वार सावधानी
शनिवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- नक्षत्र सावधानी
मूल — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 3:17 अपराह्न तक, फिर पूर्वाषाढ़ा।
- योग सावधानी
अतिगण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — कल, 4:32 पूर्वाह्न तक, फिर सुकर्मा।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल षष्ठी (नंदा) — शुभ तिथि। 11:24 पूर्वाह्न के बाद सप्तमी।
- करण शुद्ध
तैतिल — चर करण, शुभ — 11:24 पूर्वाह्न तक, फिर गर।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (6:33 पूर्वाह्न – 3:17 अपराह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- गुलिक काल6:33 पूर्वाह्न – 8:11 पूर्वाह्नसावधानी
- रवि योग6:33 पूर्वाह्न – 3:17 अपराह्नसिद्ध योग
- अमृत काल8:05 पूर्वाह्न – 9:41 पूर्वाह्नशुभ
- राहुकाल9:49 पूर्वाह्न – 11:27 पूर्वाह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त12:41 अपराह्न – 1:29 अपराह्नशुभ
- वर्ज्यम्1:29 अपराह्न – 3:05 अपराह्नसावधानी
- यमगंड2:43 अपराह्न – 4:21 अपराह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:56 पूर्वाह्न – कल, 5:44 पूर्वाह्नशुभ
- षष्ठी → सप्तमी11:24 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- मूल → पूर्वाषाढ़ा3:17 अपराह्नपरिवर्तन
- अतिगण्ड → सुकर्माकल, 4:32 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:11 पूर्वाह्न – 9:49 पूर्वाह्न
- 11:27 पूर्वाह्न – 1:29 अपराह्न
- 4:21 अपराह्न – 7:37 अपराह्न